Thursday, August 22

फ़िल्म ज़ीरो ( ZERO ) में शाहरुख खान को इन तकनीकों से दिखाया गया छोटा

साल 2018 के पहले ही दिन 1 January पर शाहरूख खान ZERO फ़िल्म का ट्रेलर लॉन्च किया | इस फ़िल्म में वह बौने नज़र आ रहे हैं | शाहरुख ने बताया कि बौने नज़र आने के लिए कई विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया गया है | आनंद एल राय इस फ़िल्म के निर्देशक हैं | इस मूवी को बनाने में तकरीबन दो साल लग गए। तो आइये जानते हैं कि कैसे फिल्मों में विजुअल इफेक्ट्स के जरिए छोटे को बडा और बडे को छोटा दिखाया जाता है ?

फोर्स्ड परस्पेक्टिव ( forced perspective ):-

इस तकनीक के मदद से किसी भी चीज़ को हम छोटा या बड़ा दिखा सकते हैं | इस तकनीक में उपयोग लाया जाने वाला ऑप्टिकल इल्यूजन छोटे बड़े के साथ साथ दूर या पास की चीजों को भी दिखाता है| कई बार हम हथेली पर रखी एक बड़ी सी ईमारत देखते हैं | कई बार कोई किरदार ही ईमारत से बड़ा दिखने लगता है | यह सब इसी तकनीक का कमाल है | और इसी तकनीक से ही फ़िल्म जीरो में भी शाहरूख खान को बौना दिखाया गया है |

Forced Perspective technique

Img Source: baklol.com

क्रोमा की ( chroma key ):-
‘क्रोमा की’ एक ऐसी तकनीक है, जिसमें ग्रीन स्क्रीन पर सीन को शूट किया जाता है और उसके बाद बैकग्राउंड बदल दिया जाता है। अधिकतर फिल्मो फिर चाहे हॉलीवुड, बॉलीवुड  या टॉलीवूड हो, सभी में इस तकनीक का उपयोग किया जाता है |फ़िल्म कबाली, बाहुबली में कई सीन जैसे एक पहाड़ से कूदकर दुसरे पहाड़ पर चढ़ना आदि में इसी तकनीक का कमाल दिखाया गया है | ZERO फ़िल्म में भी इस तकनीक का उपयोग किया गया है |

film zeero srk dwarf

Img Source: timesnownews.com

शाहरूख खान ने ट्रेलर के लांच पर बताया कि यह एक विजुअली हेवी फिल्म है| इस फ़िल्म में अनुष्का शर्मा और कटरीना कैफ दोनों ही मुख्य भूमिका में नज़र आएँगी | अब दर्शकों की क्या प्रतिक्रिया होती है यह तो ‘जीरो’ फिल्म को देखकर पता चलेगा | फिलहाल यह फ़िल्म इस साल में अंत में 21 दिसंबर 2018 को रिलीज़ होगी |

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