Sunday, June 16

Legend

GyanWaleBaba has added Legend to tell about a particular person. Legend means is not related only to Great man or women. Infact , Legend describes about those people who have done something good in his/her life in any field.

विनोद खन्ना: कभी न भुला पाने वाली शक्सियत- vinod khanna in hindi

विनोद खन्ना: कभी न भुला पाने वाली शक्सियत- vinod khanna in hindi

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प्रसिद्ध अभिनेता विनोद खन्ना का देहांत 27 अप्रैल 2017 की सुबह मुंबई में हुआ | वह कई सालों से ब्लैडर कैंसर से लड़ रहे थे, और 27 अप्रैल को इस 70 वर्ष के अभिनेता ने 11:20 को अपनी आखिरी सांस ली | नेता और अभिनेता के रूप में  100 से भी ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता आजकल भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए थे, और पंजाब के गुरदासपुर जिले से लोक सभा में कार्यरत थे | विनोद खन्ना एक जाने माने अभिनेता थे, जब उन्होंने 1982, में अपने फ़िल्मी जीवन से 5 साल के लिए ओशो के साथ जुड़ने का फैसला लिया, तो उनके प्रशंसक अचंभित रह गए थे | पर उन्होंने भी 80 के दशक के खत्म होने से पहले ही फ़िल्मी दुनिया में वापसी कर ली, और “सत्यमेव जयते” और “इन्साफ” जैसी सफल फिल्में दी हैं | उनकी आखिरी फिल्म 2015 में रिलीज़ हुई जो “दिलवाले” के नाम से जानी  जाती है | उनके देहांत पर कई बॉलीवुड कलाकारों ने दुःख व्यक्त किया है
जानिए अंजली तेंदुलकर से जुड़े कुछ रहस्य in Hindi

जानिए अंजली तेंदुलकर से जुड़े कुछ रहस्य in Hindi

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कहते हैं हर कामयाब इंसान के पीछे एक लड़की का हाथ होता है| वैसे तो इतिहास में इसके कई उदाहरण हैं, पर सचिन तेंदुलकर का परिवार इसका ऐसा उदाहरण है जिसके बारे में आज सभी जानते हैं| सचिन तेंदुलकर की पत्नी Anjali tendulkar जो कि एक डॉक्टर हैं, एक ऐसी महिला हैं जिन्होंने अपने काम के साथ-साथ अपने घर को भी बखूबी संभाला है| और आज के युवायों के लिए वह एक मिसाल हैं | एयरपोर्ट पर सचिन को 6 साल बड़ी अंजली से हुआ प्यार ( anjali tendulkar love story):- अंजली तेंदुलकर का जन्म 10 नवम्बर 1969 में हुआ| उनके पिता गुजरात के एक प्रसिद्ध उद्योगपति हैं और उनकी माँ ब्रिटिश हैं | उनकी मुलाकात सचिन तेंदुलकर से पहली बार 1990 में मुंबई एअरपोर्ट पर हुई जब वह अपने पहले इंग्लैंड के दौरे से वापस आ रहे थे, और अंजली अपनी माँ को लेने एअरपोर्ट पहुंची हुई थी | उन दोनों के ही एक मित्र ने उन्हें एक दुसरे से परिचय कराया, उ
खूबसूरती के मामले में अब अरबपतियों की पत्निया भी कम नहीं :नीता अंबानी

खूबसूरती के मामले में अब अरबपतियों की पत्निया भी कम नहीं :नीता अंबानी

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देखा जाए तो भारत में जिस तरह से कारोबारियों की पत्निया अपने पति के बिज़नेस में साथ दे रही है उससे यह अंदाजा लगाना मुश्किल होगा कि वह अपनी सुंदरता को निखारने में भी समय दे पाती होंगी। पर यह सच है जिसमे से कुछ पत्नियों ने अपनी उम्र को मानो बढ़ने से रोक लिया हो । (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); आइये हम बात करते है ऐसे खूबसूरत महिला की जिन्होंने खुद को अच्छे से मेंटेन करके रखा  है। उनकी सुंदरता दिन दूनी रात चौगनी बढ़ती नज़र आ रही है । 50 की उम्र होने के बाद भी 25-30  की लगती हैं । Beautiful and business women:- मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी ( nita ambani ) जिनकी उम्र 53 साल की हो गयी है वह अब भी 30 की लगती है | उनके चेहरे पर एक झुर्री भी नही दिखती । उन्हें देखकर यह नही कह सकते है कि अब उनके बच्चों की उम्र भी शादी की हो गयी है । वह पहले से बेहद हँसी
जानिए आर के नारायण की मेरी जीवन गाथा !

जानिए आर के नारायण की मेरी जीवन गाथा !

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जब कोई ब्यक्ति बचपन में छोटी छोटी गलतिया करता है तो उस किये गए गलती को वयस्क होने के बाद वो व्यक्ति अपने बचपन की गलती के बारे में किसी को बताता  है की जब मैंने ये गलती की थी तो मै छोटा था और बहुत लोग तो अपने बचपन में की गई गलती को किसी के सामने बोलने से कतराते है। लेकिन शायद अपनी उन बचपन की यादों को लोगो तक पहुचाने में अंग्रेजी में कहानी लिखने वाले आर के नारायण ( R K NARAYAN ) ने कोई कंजूसी नहीं बरती। जिसके उनकी लिखी किताब पढने वाले पाठक को वो बात महसूस होती है जो आर के नारायण बताना चाहते है। आर के नारायण का जन्म ब्रिटिश इंडिया के मद्रास में हुआ था जो की अभी चेन्नई के नाम से जाना जाता है इनका पूरा नाम राशिपुरम कृष्णस्वामी नारायणस्वामी था इनका जन्म 10 अक्टूबर 1906 को हुआ था और निधन 94 साल बाद 13 मई 2001 को हुआ। अपनी सम्पूर्ण जिंदगी में कई उपन्यास लिखे।   आर के नारायण को अनेको पुरस्का
ऐसे थे हमारे मगध के राजा सम्राट अशोक !

ऐसे थे हमारे मगध के राजा सम्राट अशोक !

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  राजा अशोक के बारे में कुछ लोगो का मानना है की वो बड़े क्रूर राजा थे वही कुछ लोगो का मानना है की उन्होंने अपनी शासनकाल  में बहुत सारे धार्मिक कार्य किये तो आइये जाने की कैसे थे चक्रवर्ती राजा अशोक ? अशोक मगध के राजा बिंदुसार के पुत्र थे। वैसे तो कोई भी उनकी जीवन का अनुमान उस समय की लिखी गई कहानियो से लगता है लेकिन बोद्ध ग्रन्थ दीपवंश अनुसार उनके पिता बिंदुसार के १६ रानियां थीं और अशोक के अलावा उनके १०० भाई थे। अशोक अपने सभी भाईयो में सबसे अधिक बुद्धिमान और प्रतिभाशाली थे। अशोक को शाशन की जानकारी के लिए उज्जैन की जिम्मेदारी दी गई थी। बचपन से ही बुद्धिमान थे अशोक  एक समय ऐसा भी आया था जब बिंदुसार के शासनकाल में बिंदुसार को अपने श्रेष्ट पुत्र को चयन करने में परेशानी नही हुई क्योंकि जब तक्षशिला में बिंदुसार के खिलाफ विद्रोह हुआ तो उस विद्रोह को शांत करने में बिंदुसार
आज के युवाओ के कवी :- हरिओम पवार ( Hariom Pawar ) जी का जीवन परिचय

आज के युवाओ के कवी :- हरिओम पवार ( Hariom Pawar ) जी का जीवन परिचय

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हम बात कर रहे हैं एक ऐसे कवी की जिनकी कविता सुन कर आज के युवा वर्ग के लोग उत्साहित हो जाते हैं . Hariom Pawar वीर रस के कवी है. जब ये अपने द्धारा लिखीगई कोई भी कविता गाते है तो आज के युवाओ में जोश भर जाता है| और जब वो भारत की सीमा से जुडी कोई कविता गाते है फिर तो खून ख़ौल उठता है। [the_ad id="3627"] जन्म और जीवन परिचय :- हरिओम पंवार भारत की राष्ट्रीय अस्मिता के गायक हिन्दी कवि हैं। वे वीररस  के कवि हैं। Hariom Pawar जी का जन्म उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर जिले में सिकन्दराबाद के निकट बुटना गाँव में हुआ था। वे  के मेरठ विश्वविधालय में विधि संकाय में प्रोफेसर हैं। उन्हें भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति एवं विभिन्न मुख्यमंत्रियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें 'निराला पुरस्कार', 'भारतीय साहित्य संगम पुरस्कार', 'रश्मि पुरस्कार', 'जनजागरण सर्वश्रेष्ठ कवि पुरस्कार' तथा 'आवाज-ए-हिन
मिल्खा सिंह – The Flying Sikh

मिल्खा सिंह – The Flying Sikh

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आज के इस चहल पहल की जिंदगी में आप इतने खोये हैं कि अगर आपको अगर रेलवे स्टेशन से गुजरने का मौका मिले तो कई तरह के छोटे छोटे बच्चों का सामना करना पड़ता हैं वो बच्चे आपसे या तो पैसे मांगते है या फिर खाने के लिए मांगते है। आपको ये जानकर हैरानी होगी की एक ऐसा शख्स जो इस दौर से कभी गुजर चुका है उस समय उस पे क्या बीतती होगी जब वो इस परिस्थिति से गुजरता होगा । हम बात कर रहे है पाकिस्तान क पंजाब के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह कि जिनका जन्म पाकिस्तान के रिकॉर्ड के अनुसार 20 नवम्बर 1929 को हुआ था लेकिन कुछ इतिहास के जानकारों का मानना है कि उनका जन्म 17 अक्टूबर 1935 को हुआ था। आज पूरी दुनिया में नाम कमाने वाले मिल्खा सिंह कभी ऐसे दौर से भी गुजरा करते थे। वैसे तो उनके बहुत सारे किस्से है लेकिन जब वे 1947 में दिल्ली आये तो अपनी सिस्टर के यहां रहते थे । एक बार तो तिहार जेल में भी उन्हें बंद किया गय
ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा कही गई बात पते की जो  ज़िंदगी की दिशा बदल सकती है

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा कही गई बात पते की जो ज़िंदगी की दिशा बदल सकती है

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डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा कुछ ऐसे Quotes लिखे गए हैजो हर एक इंसान की  ज़िंदगी की दिशा बदल सकती है|वे इन लाइन के माध्यम से कुछ ही शब्दो में बड़ी बात को आसानी से प्रस्तुत करते हैं । 1."Life and time are the world’s best teachers. Life teaches us the use of time and Time teaches us the value of life. " -  मतलब यह है कि जिन्दगी और वक्त से अच्छा शिक्षक कोई और नही है। जिंदगी हमें वक्त का सही इस्तेमाल सिखाती है,और वक्त हमें जिंदगी की अहमियत समझाता है । " 2. " It is very easy to defeat someone, but too hard to win some one."- इसका मतलब यह है कि किसी की उपेक्षा आसानी से की जा सकती है पर किसी को अपने आप में प्रशंसा, विश्वास में लेना बड़ी बात होती है । 3." The best brains of the nation may be found on the last benches of the classroom. "- इसका मतलब एक उदाहरण द्वारा यह बताया गया है
भारत को पहला ओलम्पिक जीत इसी अंग्रेज ने दिलाई थी

भारत को पहला ओलम्पिक जीत इसी अंग्रेज ने दिलाई थी

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करीबन 116 साल पहले जब भारत ने सन् 1900 में पेरिस ओलिंपिक में पहली बार भाग लिया था तब पहली बार में ही भारत ने  दो सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिए थे। और ये दोनों ही मेडल नॉर्मन प्रिचार्ड नाम के एक सख्शियत (अंग्रेज) ने दिलाया था। और तभी से कहा जाता है कि भारत का पहला ओलम्पिक जीत एक विदेशी ने दिलाया ।   कहानी यूँ है कि नॉर्मन प्रिचार्ड का जन्म 23 जून 1877 को कोलकाता के अलीपुर नामक स्थान में हुआ था । सन् 1894 से  लेकर सन् 1900 तक लगातार बंगाल के लिए 100 मी. फर्राटा दौड़ में भाग लेकर दौड़ जीती थी। और साथ ही उन्होंने 440 मी. और 120 मी. हर्डल रेस में भी अपना हुनर दिखा कर जलवा बिखेरा था। वर्ष 1900 में पेरिस में ओयोजित ओलिंपिक में प्रिचार्ड ने इंडिया की तरफ से शिरकत की और जीत हासिल की। उसके बाद वर्ष 1905 में वे अपने परिवार के साथ वापस ब्रिटेन चले गए। इस तरह से प्रिचार्ड विदेशी होते हुए भी ओलिं
नीरजा को भारत सहित अमेरिका और पाकिस्तान ने भी दिया था सम्मान, मिला “द हीरोइन ऑफ द हाईजैक” का नाम

नीरजा को भारत सहित अमेरिका और पाकिस्तान ने भी दिया था सम्मान, मिला “द हीरोइन ऑफ द हाईजैक” का नाम

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भारत की बेटी नीरजा भनोट ने अपनी 23 साल की उम्र में आतंकवादी हाईजैकर्स से 360 यात्रियों की जान बचाई थी और ऐसा करते हुए वह शहीद हो गयी । नीरजा के बारे में लोगो को अवगत कराने के लिए उनकी एक बायोपिक भी 19 फरवरी 2016 को रिलीज हुई , जिसमें सोनम कपूर ने उनके रोल को प्ले किया है। फैमिली बैकग्राउंड एंड एजुकेशन :- नीरजा का जन्म 7 सितंबर 1963 को चंडीगढ़ में हुआ था । उन्हें उनके घरवाले लाडो के नाम से पुकारते थे । उनके पिता  हरीश भनोट मुंबई में पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते थे । और माँ का नाम रमा भनोट है । नीरजा ने अपनी शिक्षा  चंडीगढ़ के सैक्रेड हार्ट सीनियर सेकेण्डरी स्कूल  से ही की थी । इसके बाद उनकी शिक्षा मुम्बई के स्कोटिश स्कूल और सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज  में हुई।   शादी:- सन् 1985 को नीरजा का विवाह संपन्न हुआ और वह पति के साथ खाड़ी देश में रहने लगी । परन्तु उनकी अ